आए दिन कभी सड़क पर यह पेड़ टूटकर गिर रहे हैं तो कभी वाहनों के कारण किनारे खड़े बिजली के पोल भी टूट जाते हैं. जिससे बड़ा हादसा होने का डर भी लगातार बना रहता है। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है.
- कभी टूट रहे पेड़ तो कभी बिजली के पोल
सड़क निर्माण
कार्य से पहले सड़क किनारे खड़े बिजली के पोल हटाने व पेड़ों को काटने का कार्य
जरूरी था। क्योंकि बिजली के पोल सड़क के बीच में आ रहे हैं तो वही भारी भरकम पेड़
भी सड़क पर झुके हुए हैं। आए दिन कभी सड़क पर यह पेड़ टूटकर गिर रहे हैं तो कभी
वाहनों के कारण किनारे खड़े बिजली के पोल भी टूट जाते हैं। जिससे बड़ा हादसा होने
का डर भी लगातार बना रहता है। लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा
है और मामले में ढीली कार्रवाई की जा रही है। सड़क बनाने का कार्य पूरा हो चुका है
लेकिन बिजली के पोल व पेड़ों के कटने से बरम बनाने का कार्य आज भी पेंडिंग है।
जिससे भी हादसों को न्योता मिल रहा है।
- जेई बोले हमें नहीं है जानकारी
इस समस्या को
लेकर जब पीडब्लूडी विभाग के जेई हकीकत राय से बात की गई तो वह भी अपनी जिम्मेदारी
से पल्ला झाड़ते हुए दिखाई दिए।उन्होंने कहा कि दोनों कार्यों के लिए वह एस्टीमेट
जमा करा चुके हैं। लेकिन अब यह कार्य क्यों नहीं हो रहा है इस बारे में कोई
जानकारी नहीं है। जबकि बिजली के पोल शिफ्ट करने का कार्य खुद पीडब्ल्यूडी विभाग को
ही करना है ऐसे में विभाग के जेई को ही मामले की जानकारी न होना भी उनकी
कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
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