Former Chief Minister and Leader of Opposition Bhupinder Singh Hooda has expressed concern over the slow pace of corona vaccination and the almost daily shortage of vaccines.
चंडीगढ़ NEWS। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कोरोना टीकाकरण की धीमी रफ्तार और करीब रोजाना होने वाली वैक्सीन किल्लत पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हर रोज़ प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से कोरोना वैक्सीन या तो खत्म होने या खत्म के करीब होने की ख़बरें आती हैं। कई जगह टीकाकरण केन्द्रों पर पुलिस बुलाने तक की नौबत आ रही है, बड़ी संख्या में वैक्सीन लगवाने पहुँच रहे लोगों को पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन न होने से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
विपक्ष और मीडिया लगातार सरकार को
वैक्सीन किल्लत के बारे में चेता रहे हैं। लेकिन प्रदेश सरकार अपने ढुलमुल रवैये
को छोड़ने को तैयार ही नहीं हो रही है। सिर्फ जुमलेबाजी, इवेंटबाजी और झूठे प्रचार के जरिए लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार ने पिछले 7 वर्षों में प्रदेश में एक भी नया सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज नहीं बनाया, किल्लत के बावजूद न ही नये डॉक्टर्स, मेडिकल स्टाफ की भर्ती कर रही इसके अलावा मौजूदा अस्पतालों, PHC, CHC में चिकित्सीय उपकरण व अन्य सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में भी कोई काम नहीं हो
रहा।
“Every day,
there are reports of corona vaccine being either over or stocks being
dangerously low from different districts across the state. In many places,
health officials have to call the police at the vaccination centres as a large
number of people coming to get the vaccine, but they have to return home
disappointed due to lack of vaccines,” he said.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर देश और प्रदेश को काफी नुकसान पहुंचा चुकी हैं। इसलिए तीसरी लहर को निष्प्रभावी करने के लिए जरूरी है कि सरकार पहले से ही अपनी तैयारियों को पुख्ता करे। लोगों को कोरोना से बचाने का सबसे सुरक्षित कवच टीकाकरण है। जल्द से जल्द पूरे प्रदेश के लोगों को टीके की दोनों डोज़ लगवाकर ही कोरोना के संभावित नुकसान से बचा जा सकता है। इसके लिये प्रदेश सरकार को केंद्र से अधिक से अधिक मात्रा में वैक्सीन सप्लाई की मांग करनी चाहिए, ताकि हरेक प्रदेशवासी को टीका लग सके।
Hooda said
the government should work expeditiously towards strengthening the health
infrastructure of to beat all diseases, including COVID. “During the second
wave of Corona, countless people died due to lack of oxygen, hospital beds,
medicines and treatment. The government ignored all the warnings of doctors,
experts and did not make concrete preparations to fight Corona. Thousands of
people had to bear the brunt of this with their lives. The state government
should take a lesson from the second corona wave and ensure that it does not
happen ever again,” he said.
हुड्डा ने कहा कि कोरोना समेत तमाम
बीमारियों को मात देने के लिए सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे को
मजबूत करने की दिशा में भी तेज़ी से काम करना चाहिए। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान
अनगिनत लोगों की मौत ऑक्सीजन, हॉस्पिटल बेड, दवाई और इलाज के अभाव में हुई। सरकार ने चिकित्सकों, विशेषज्ञों की तमाम चेतावनियों को नजरअंदाज किया और कोरोना से लड़ने के लिए
पुख्ता तैयारियां नहीं की। इसका खामियाजा हजारों लोगों को अपनी जान देकर भुगतना
पड़ा। दूसरी कोरोना लहर से प्रदेश सरकार
सबक लेना चाहिए ।
The former
Chief Minister said there was a lot of emphasis on increasing health facilities
in the state during the Congress government. “We established one government
health university and four government medical colleges at Karnal, Faridabad,
Sonipat and Nuh in Mewat. In addition to this, AIIMS-II and National Cancer
Institute were established at Badhsa village in Jhajjar district while the
present government has failed to maintain the infrastructure we had created,
far from strengthening the health sector infrastructure. If the present
government has such a lax attitude towards health services in Haryana, then the
possible third wave of COVID may prove to be harmful,” he said.
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमारी
सरकार के समय प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढाने पर खासा जोर दिया था। हमने
प्रदेश में एक सरकारी स्वास्थ्य विश्वविद्यालय और चार सरकारी मेडिकल कॉलेज करनाल, फरीदाबाद, सोनीपत और मेवात के नूंह में स्थापित किये। इसके अलावा, झज्जर जिले के बाढसा गांव में AIIMS-II और राष्ट्रीय कैंसर
संस्थान की स्थापना कराई। जबकि मौजूदा सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे
को मबजूत करना तो दूर, हमने जो ढांचा तैयार किया था उसको भी संभालने में विफल साबित हुई है। हरियाणा
में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति मौजूदा सरकार का अगर ऐसा ही लचर रवैया रहा तो
संभावित कोरोना की तीसरी लहर नुकसानदायक साबित हो सकती है।