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Radaur- मिट्टी से बनाएं गएं रैंप की बही मिट्टी, हो रहे ग्रामीण चोटिले

ग्रामीणो का कहना है : कि विभाग की ओर से सड़क के दोनो ओर कच्ची मिट्टी के बरम बना दिएं गएं है. जो कि काफी छोटे है. जिसके बाद खेत व नाले की गहराई शुरू हो जाती है. ऐसे में यह भी हादसों का बढ़ा रहे है.


रादौर
NEWS
जठलाना-रादौर मार्ग पर अधूरे बर्म व रैंप लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए है। ग्रामीणो का आरोप है कि इनके कारण ग्रामीण चोटिल हो रहे है। लेकिन विभाग की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसको लेकर उन्होनें जिला उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।

ग्रामीण राजन, रमन, अशोक, सतीश, जगदीश, सचिन, ताराचंद, सुरेश व गौरव ने का कहना है कि उनका डेरा रौनकपुर जठलाना मार्ग पर रादौर में पड़ता है। सड़क के दोनों साइड डेरे बने हुएं है। जहां पर दर्जनों घर है। पिछले दिनों जब जठलाना रोड़ का निर्माण कार्य किया गया तो ठेकेदार इन घरों पर जाने वाले रास्तों के रैंप बनाना भूल गया। केवल थोड़ी बहुत मिट्टी डालकर अपने कार्य की इतिश्री कर ली गई। लेकिन अब यह मिट्टी बरसात में बह चुकी है। जिससे आएं दिन यहां हादसे हो रहे है। कई वाहन चालक यहां पर चोटिल हो चुके है। लेकिन बार बार शिकायत के बाद भी उनकी इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। जब ठेकेदार सड़क का निर्माण कर रहा था तो भी उन्होंने ठेकेदार से रैंप बनाने की मांग की थी तो उसने आश्वासन दिया था कि वह सड़क का कार्य समाप्त होने के बाद सभी रैंप बनाकर ही जाएंगा। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और बिना रैंप बनाएं चला गया। जिसका खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारी भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे है। उन्होनें जिला उपायुक्त से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।

आधे अधूरे बर्म भी बढ़ा रहे परेशानी

ग्रामीणो का कहना है कि विभाग की ओर से सड़क के दोनो ओर कच्ची मिट्टी के बरम बना दिएं गएं है। जो कि काफी छोटे है। जिसके बाद खेत व नाले की गहराई शुरू हो जाती है। ऐसे में यह भी हादसों का बढ़ा रहे है। मिट्टी से बनाएं गए बर्म का कार्य का भी ठीक प्रकार से नहीं किया गया है। जो मिट्टी यहां पर डाली गई  थी वह बैठ चुकी है। जिससे वाहन चालक अक्सर यहां हादसों का शिकार होते होते बचे है। इस पर भी ध्यान दिएं जाने की जरूरत है।

जसमेर सिंह, एसडीओ पीडब्लयूडी विभाग

डेरो इत्यादि में रैंप उतारने का कार्य उनके विभाग की ओर से नहीं किया जा सकता। क्योंकि रैंप उतारने के लिए अधिक भूमि की आवश्यकता होती है। जबकि डेरो में जाने वाले रास्ते में उनके विभाग की अधिक भूमि नहीं लगती। केवल 4 से 5 फुट ही भूमि बचती है। जिस पर रैंप उतारना मुश्किल है। इसके अलावा बर्म बनाने का कार्य दोबारा किया जाएंगा। जिसके लिए ठेकेदार को निर्देश दे दिएं गएं है।
 

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