सरस्वती नदी के किनारे मिले कुषाण काल के मृदभांड, प्राचीन मूर्तियां व सिक्के
REPORT BY : RAHUL SAHAJWANI
CITY LIFE HARYANA | यमुनानगर / बिलासपुर : हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच व पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य व उनकी टीम के द्वारा आज सरस्वती नदी के किनारे पर बसे गांव संधाएँ में मिली प्राचीन वस्तुओं को लेकर दौरा किया। इस मौके पर टीम को कुषाण काल के मृद भांड, प्राचीन मूर्तियां व सिक्के मिले। बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच व पुरातत्व विभाग की टीम ने गांव संधाएँ में लोगों से बातचीत की। समाजसेवी बलविंद्र सिंह, मास्टर बबलू व गांव अन्य लोगों के द्वारा गांव संधाया में सरस्वती नदी के किनारे स्थित प्राचीन किले से मिले सिक्कों व प्राचीन समान को पुरातत्व विभाग की टीम को सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों व बलविंद्र सिंह ने जानकारी दी कि इस किले से पहले भी कई तरह का प्राचीन सामान मिला है। समाज सेवी बलविन्दर ने कहा कि अगर सरस्वती हमारे गांव से निकलती है तो जो जमीन इस मे आएगी व देने के लिए तैयार है ।
बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने कहा कि सरस्वती नदी हरियाणा की सबसे प्राचीन नदी है। इस नदी से लोगों को पीने का पानी मिलता था जिसके कारण इस नदी के किनारे ही लोग बसते थे। इसलिए प्राचीन ग्रंथों में सरस्वती नदीं को सभ्यता, शिक्षा व संस्कारों की जन्नी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि पुरातत्त्व विभाग की टीम ने कहा कि सफाई करके व जांच करने के बाद ही इन सिक्कों का सही काल पता लग पाएगा। धुम्मन सिंह ने कहा कि इस नदी के किनारे आदिबद्री से लेकर हरियाणा राजस्थान की सीमा तक दर्जनों प्राचीन साइट है, जिनमें भगवान पुरा, पिहोवा, कपिल मुनी मंदिर कैथल, राखीगढ़ी, बनावाली आदि प्राचीन साइट है। गांव संधाएँ में सिक्कों व प्राचीन समान के मिलने के बाद जल्द ही पुरातत्व विभाग के द्वारा आगे की करवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र का नाम ऐतिहासिक दृष्टि से उभरेगा इसलिए सभी बढ़ चढ़ कर भाग लें और जिसके पास जो समान है या मिले उसको पुरातत्त्व विभाग को सौंपे। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति समाज के काम मे आगे आएगा उसको सरकार व विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरस्वती नदी को धरातल पर लाने के लिए सरस्वती बोर्ड दिन रात लगन से कार्य कर रहा है।
उपनिदेशक बनानी भट्टाचार्य ने कहा कि गाँव मे आज हमें बहुत ही प्रचीन समान मिला है जो कि कुषाण काल का होगा और गुर्जर प्रतिहार से संबंधित होगा। उन्होंने कहा कि जो समान मिला है उसको जांच के बात देखा जाएगा व आगामी करवाई की जाएगी। इस मौके पर बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह के द्वारा सरस्वती नदी तालाब का भी दौरा किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तालाब की साफ सफाई के दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के एक्सईएन नितिन बट्ट, एसडीओ रविन्द्र, एसडीओ दीपक, जेई रविंदर प्रताप, जेई विनीत, तकनीकी सहायक रविकांत, सूचना केंद्र सहायक बिलासपुर शमशाद अली, बलविन्द्र, नरेश कुमार व बबलू उपस्थित रहे।