𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐂𝐡𝐢𝐞𝐟 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫, 𝐌𝐚𝐧𝐨𝐡𝐚𝐫 𝐋𝐚𝐥, 𝐰𝐡𝐢𝐥𝐞 𝐬𝐩𝐞𝐚𝐤𝐢𝐧𝐠 𝐢𝐧 𝐚 𝐩𝐫𝐨𝐠𝐫𝐚𝐦𝐦𝐞 𝐫𝐞𝐥𝐚𝐭𝐞𝐝 𝐭𝐨 𝐜𝐫𝐨𝐩 𝐟𝐚𝐢𝐥𝐮𝐫𝐞 𝐨𝐫𝐠𝐚𝐧𝐢𝐳𝐞𝐝 𝐚𝐭 𝐯𝐢𝐥𝐥𝐚𝐠𝐞 𝐉𝐡𝐚𝐫𝐨𝐭𝐡𝐢 𝐢𝐧 𝐒𝐨𝐧𝐢𝐩𝐚𝐭 𝐝𝐢𝐬𝐭𝐫𝐢𝐜𝐭 𝐭𝐨𝐝𝐚𝐲, 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐯𝐢𝐥𝐥𝐚𝐠𝐞𝐬 𝐰𝐡𝐨𝐬𝐞 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐡𝐚𝐯𝐞 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐝𝐚𝐦𝐚𝐠𝐞𝐝 𝐝𝐮𝐞 𝐭𝐨 𝐫𝐞𝐜𝐞𝐧𝐭 𝐡𝐚𝐢𝐥𝐬𝐭𝐨𝐫𝐦, 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐛𝐞 𝐠𝐢𝐯𝐞𝐧 𝐩𝐫𝐨𝐩𝐞𝐫 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐞𝐧𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐚𝐧𝐝 𝐭𝐡𝐢𝐬 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐞𝐧𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐛𝐞 𝐡𝐢𝐠𝐡𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐚𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐫𝐞𝐬𝐞𝐧𝐭 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐞𝐧𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐨𝐟 𝐑𝐬. 𝟏𝟐,𝟎𝟎𝟎 𝐩𝐞𝐫 𝐚𝐜𝐫𝐞. 𝐓𝐡𝐢𝐬 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐛𝐞 𝐚𝐧𝐧𝐨𝐮𝐧𝐜𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐧𝐞𝐱𝐭 𝐜𝐚𝐛𝐢𝐧𝐞𝐭 𝐦𝐞𝐞𝐭𝐢𝐧𝐠.
सोनीपत
news। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने
आज सोनीपत जिला के गांव झरोठी में आयोजित किसानों के कार्यक्रम में बोलते हुए कहा
कि हाल ही में ओलावृष्टि से जिन भी गांवों के किसानों की फसल खराब हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा और यह मुआवजा वर्तमान में 12 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जा रहे मुआवजे से ज्यादा होगा। आगामी
होने वाली कैबिनेट बैठक में इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने गांव झरोठी में
किसानों के लिए अनेक घोषणाएं की और कहा कि वे स्वयं एक किसान के बेटे हैं। पूरा
हरियाणा उनके परिवार के समान है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अन्त्योदय की
भावना से काम किया जा रहा है। हरियाणा किसानों की धरती है। किसान जब खुशहाल होता
है तो दूकानदार, कर्मचारी, व्यापारी, कारखाना चलाने वाले लोगों को भी फायदा होता है।
The Chief Minister made several announcements for the farmers in
Jharothi village and said that he himself is the son of a farmer and entire
Haryana is like his family. He added that work is being done in the entire
state with the spirit of Antyodaya. Haryana is the land of farmers and 70
percent of the agriculture is done here. When the farmers are happy, then only
shopkeepers, workers, traders, and people running the factory will be
benefitted.
He said that during the Corona period, Rs.16, 000 crore were
given to the farmers by the State Government. In 2015, when the crops were
damaged due to rain, the money was deposited in the accounts of the farmers in
one and a half months. In the previous governments, cheques only up to Rs. 2, 4
and Rs. 10 were given to the farmers.
He added that when the new government was formed in the state,
it was decided that no farmer's cheque would be made less than Rs. 500. In the
earlier governments, Rs. 5,700 per acre was given as compensation for crop
failure. Later Rs. 7,500 was made. When the new government was formed,
Government gave a compensation of Rs. 12,000 per acre.
The Chief Minister said that Prime Minister, Sh. Narendra Modi
has started the Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana, understanding the pain of the
farmers. He announced that the state government would bear the premium for the
crop of the farmers who sowed less than two acres of land. The state government
will give half the crop insurance installment of the land of the farmers sowing
up to two to five acres and appealed to the farmers who sow more than five
acres to pay their premium on their own because they are capable.
He said that this compensation would be given to the farmers who
are cultivating because many times farmers take the land of others and
cultivate it, which is why this arrangement has been made. He said that for
this, within 15 days or a month of sowing of the crops, the farmer has to
register by visiting local CSC and give details regarding their land and crops
which he is cultivating only then that farmer will be entitled to this scheme.
He said that in 2015, CM window has been arranged in the state
to settle the grievances of the people at the local level. So far, 9.15 lakh
complaints have been received on CM Window, out of which eight and a half lakh
problems have been resolved. To improve the standard of education, 137 small
and 40 senior secondary model sanskriti schools have been opened. This is the
reason that due to last time, 2.5 lakh children have increased in government
schools this time. Special emphasis has been laid on teachers to teach and
special training has also been arranged for them. In the present government,
jobs are being given on merit and this is the reason why children from ordinary
households are achieving good positions.
Manohar Lal said that he has already done aerial inspection of
the villages of Gohana, Julana and Kharkhoda blocks for crop failures. A
decision regarding this will be taken soon. He appealed to the people not to
get soil removed from the fields. The state government is preparing a scheme in
which one lakh acres of land will be repaired from where soil has been lifted
and where the problem of water logging is worsening the situation. Soon a plan
in this regard will be made and implemented. In this, the government will bear
half the cost and half the cost will have to be given by the owner of the land
himself.
He appealed that due to its proximity to Delhi, there are more
possibilities of consumption of vegetables etc., so people should insist on
sowing green fodder, orchards, vegetables etc. Complete cooperation will be
given from the government in this regard. At present, the government is giving
20 percent subsidy on horticulture and 85 percent on micro irrigation. People
should take maximum advantage of this.
उन्होंने कहा कि करोना काल में प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को 16 हजार करोड़ रुपये दिए गए। 2015 में जब बारिश के कारण फसल खराब हुई थी तब किसानों के खाते में डेढ माह में खराबे का पैसा डाल दिया गया। पूर्व की सरकारों में दो, चार व 10 रुपये तक के चैक भी किसानों को दिए गए।
उन्होंने प्रदेश में जब सत्ता संभाली
तो यह तय किया गया कि 500 रुपये से कम किसी भी किसान का चैक नहीं बनेगा। पूर्व की सरकारों
में फसल खराबे के मुआवजे के प्रति एकड़ 5700 रुपये दिए जाते थे।
बाद में 7500 किए गए। सरकार बनने पर हमने 12 हजार रुपये प्रति
एकड़ का मुआवजा तय किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के दर्द को समझते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
चलाई है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि दो एकड़ से कम जमीन में बुआई करने वाले
किसानों की फसल का प्रीमियम प्रदेश सरकार वहन करेगी। दो से पांच एकड तक की बुआई
करने वाले किसानों की जमीन की फसल बीमा किश्त आधी प्रदेश सरकार देगी तथा पांच एकड़
से अधिक बुआई करने वाले किसानों से उन्होंने अपील की कि वे अपना प्रीमियम स्वयं
भरें क्योंकि वे सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि यह मुआवजा खेती करने
वाले व्यक्ति को दिया जाएगा क्योंकि कई बार किसान दूसरों की जमीन लेकर उस पर खेती
करते है, इसलिए ही यह व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए मेरी फसल
मेरा ब्यौरा पर फसल की बुआई के 15 दिन या एक माह के अन्दर स्थानीय सीएससी पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन
करवाना होगा और वहां पर जाकर जिस खसरे और नम्बर की जमीन पर वह खेती कर रहा है उसको
चढवाना होगा। उसके बाद ही वह किसान इस योजना का हकदार होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2015 में लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही निपटान करने के लिए
सीएम विंडों की व्यवस्था की गई है। अब तक सीएम विंडों पर साढे 9 लाख शिकायतें आ चुकी है जिनमें से साढ़े आठ लाख समस्याओं का समाधान
किया जा चुका है। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 137 छोटे और 40 सीनियर सेकेंडरी माडल संस्कृति स्कूल खोले गए है। यहीं कारण रहा कि
सरकारी स्कूलों में पिछली बार की बदौलत ढाई लाख बच्चे अबकी बार बढे है। अध्यापकों पर
पढाने के लिए विशेष बल दिया गया है और इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण की भी
व्यवस्था की गई है। वर्तमान सरकार में नौकरियां मेरिट पर दी जा रही है और यहीं
कारण है कि सामान्य घरों के बच्चे अच्छे पदों पर आ रहे है।
मनोहर लाल ने कहा कि वे गोहाना, जुलाना और खरखौदा हलके के गांवों का फसल खराबें को लेकर हवाई निरीक्षण कर चुके हैं। इसके बारे में जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि खेतों में से मिट्टी न उठवाएं। प्रदेश सरकार एक ऐसी योजना बना रही है जिसमें प्रदेश की एक लाख एकड़ ऐसी जमीन की मरम्मत की जाएगी जहां से मिट्टी उठवाई जा चुकी और जहां पर पानी भराव की समस्या स्थिति को खराब कर रही है। इस बारे में शीघ्र ही योजना बनाकर इसे लागू किया जाएगा। इसमें आधा खर्च सरकार वहन करेगी और आधा खर्च जमीन के मालिक को खुद देना होगा।
उन्होंने अपील की कि दिल्ली के नजदीक
होने के कारण यहां सब्जी इत्यादि की संभावानएं ज्यादा है इसलिए लोग हरा चारा, बाग, सब्जी इत्यादि बोने पर जोर दे। सरकार से इस बारे पूरा सहयोग दिया
जाएगा। वर्तमान में सरकार बागवानी पर 20 प्रतिशत और सुक्ष्म
सिंचाई पर 85 प्रतिशत सबसीडी दे रही है। इसका लोग ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाए।
गांव के विकास को लेकर आ रही समस्याओं
के निदान के लिए बनेगा पोर्टल
उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में
उसके विकास को लेकर अब ग्राम दर्शन पोर्टल पर गांव वालों की तरफ से सामुहिक सहमति
पत्र अपलोड करना होगा और उस पर अपलोड होने के बाद उस विकास कार्य को संबंधित
पंचायत समिति, जिला प्रशासन या प्रदेश सरकार द्वारा करवाया जाएगा। यही नहीं अगर
वह विकास कार्य करवाने का काम केन्द्र सरकार से संबंधित होगा तो उस बारे केन्द्र
सरकार के साथ पत्र व्यवहार कर उन समस्यों का निदान करवाया जाएगा।
उन्होंने खरखौदा खंड के लगभग 18 गांवों से संबंधित मांग पत्र पर बोलते हुए कहा कि प्रत्येक गांव के
दो-दो रेवेन्यू रास्ते पक्के करवाए जाएंगे। गली स्टेडियम व्यायामशाला पीने के पानी
इत्यादि से संबंधित उन्होंने करीब 30 करोड रुपये के
विकास कार्यों को पूरा करवाने की घोषणा की और कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि
इतनी बडी धनराशि की घोषणा किसी एक गांव में की है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में फसल खराबे
के कारण जमीन पर खड़े पानी की निकासी के लिए 54 गांवों में 133 पम्प लगाए गए है। यहीं नहीं जो किसान अपने ट्रैक्टर से पानी
निकालेगा उसे डीजल फ्री दिया जाएगा। उन्होंने भैयादूज त्योहार के मौके पर गांव
झरोठी की महिलाओं को 50 हजार रुपये शगून के तौर पर देने की घोषणा भी की।
A portal will be made
to solve the problems being faced by the development of the village
He said that for its
development in any village, now the collective consent letter will have to be
uploaded on behalf of the villagers on the Gram Darshan Portal and after it is
uploaded, that development work will be done by the concerned Panchayat Samiti,
District Administration or State Government. Not only this, if the work of
getting development work done related to the Central Government, then those
problems will be resolved after correspondence with the Central Government.
Speaking regarding the
demand letter associated with 18 villages of Kharkhoda block, he said that two
revenue roads of each village would be made pucca. He announced completion of
development works of about Rs. 30 crore related to street stadium, gymnasium,
drinking water etc. and said that this is the first time that such a huge
amount has been announced in any one village.
He said that 133 pumps
have been installed in 54 villages to drain the standing water. Not only this,
the farmer who extracts water from his tractor will be given free diesel. He
also announced to give Rs. 50,000 as shagun to the women of village Jharothi on
the occasion of Bhaiya Dooj festival.
On this occasion the farmers presented traditional Hal which is the symbol of farming as token of regard and honoured with traditional pagdi. Whereas women also presented Charkha to the Chief Minister.
इस मौके पर कार्यक्रम में किसानों ने
मुख्यमंत्री मनोहर लाल को किसानी का प्रतीक हल और पगड़ी भेंट की। वहीं महिलाओं ने
मुख्यमंत्री को चरखा भी भेंट किया।
इस अवसर पर सांसद रमेश कौशिक, राई से विधायक मोहन लाल बड़ौली, गन्नौर से विधायक निर्मल
चौधरी ने भी जनसभा को संबोधित किया और मुख्यमंत्री का धन्यवाद भी किया। इस मौके पर
अनेक गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।