गृह मंत्री अनिल विज के कार्यक्रम से सभी विभागों के कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना हुआ है. कर्मचारियों को डर सता रहा है कि कहीं कोई व्यक्ति उनकी शिकायत लेकर अनिल विज के सामने पेश न हो जाए.
रादौर, डिजिटल डेक्स।। उपमंडल स्तर पर आजादी का पर्व प्रशासन की ओर से धुमधाम से मनाने की तैयारियां की जा रही है। उपमंडल स्तर पर बनाए जाने वाले इस समारोह में इस वर्ष गृहमंत्री अनिल विज झंडा फहराने के लिए पहुंचेगें। जिसको लेकर प्रशासन तैयारियों में जुट गया है।
आमतौर पर प्रदेश का मंत्री जिला स्तर पर झंडा फहराने के लिए पहुंचता है लेकिन ऐसा पहली बार हो रहा है कि किसी उपमंडल स्तरीय कार्यक्रम में गृहमंत्री पहुंच रहे है। जिला उपायुक्त पार्थ गुप्ता व जिला पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा ने अधिकारियों की टीम के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह स्थल व अन्य जगहों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और स्थानीय अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
अनिल विज के इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद दिखाई दे रहा है। जिसमें किसी भी प्रकार की कोताही बरतने में मूड में प्रशासन नहीं है।
टूटी सड़के करेगी गृहमंत्री का स्वागत, जनता में चर्चा क्या विज के आने से सुधरेगे हालत
टूटी सड़के करेगी गृहमंत्री का स्वागत, जनता में चर्चा क्या विज के आने से सुधरेगे हालत
रादौर क्षेत्र का मुख्य मार्ग एसके मार्ग है। लेकिन इसकी हालत इतनी खस्ता हो चुकी है कि हर दिन सड़क पर हादसे हो रहे है। बस स्टैंड से लेकर त्रिवेणी चौंक तक सड़क के पर केवल गड्ढे ही दिखाई देते है। सड़क दूर दूर तक भी कहीं दिखाई नहीं देती। इसके अलावा अन्य सड़क मार्ग भी टूटे ही है।
जैसे ही अनिल विज के आने की सूचना क्षेत्र के लोगों को लगी तो उनमें यह चर्चा आम हो गई कि क्या अनिल विज के आने से इन खस्ताहाल सड़कों की हालत में कोई सुधार होगा या नहीं। हालांकि विभाग की ओर से कहीं कहीं गड्ढे भरने का कार्य शुरू करवा दिया गया है। लेकिन क्या इसमें खानापूर्ति होगी या फिर सही तरीके से सड़क की मुरम्मत होगी यह अभी भविष्य के गर्भ में है।
विभागों के कर्मचारियों में भी भय का माहौल
विभागों के कर्मचारियों में भी भय का माहौल
गृह मंत्री अनिल विज के कार्यक्रम से सभी विभागों के कर्मचारियों में भी भय का माहौल बना हुआ है। कर्मचारियों को डर सता रहा है कि कहीं कोई व्यक्ति उनकी शिकायत लेकर अनिल विज के सामने पेश न हो जाए। क्योंकि उन्हें पता है कि अगर कोई शिकायत अनिल विज के सामने आती है तो उस पर सख्त एक्शन होना लाजमी है।
वहीं, ऐसा भी हो सकता है कि इस दौरान अनिल विज खुद ही किसी विभाग के कार्यालय का दौरा न कर ले और अगर कोई खामी मिली तो अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है।
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