𝐀 𝐬𝐞𝐦𝐢𝐧𝐚𝐫 𝐨𝐧 𝐒𝐨𝐥𝐢𝐝 𝐚𝐧𝐝 𝐋𝐢𝐪𝐮𝐢𝐝 𝐖𝐚𝐬𝐭𝐞 𝐌𝐚𝐧𝐚𝐠𝐞𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐰𝐚𝐬 𝐨𝐫𝐠𝐚𝐧𝐢𝐳𝐞𝐝 𝐮𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐡𝐚𝐢𝐫𝐦𝐚𝐧𝐬𝐡𝐢𝐩 𝐨𝐟 𝐇𝐨𝐧'𝐛𝐥𝐞 𝐂𝐡𝐢𝐞𝐟 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐌𝐚𝐧𝐨𝐡𝐚𝐫 𝐋𝐚𝐥 𝐭𝐨𝐝𝐚𝐲 𝐚𝐭 𝐇𝐒𝐕𝐏 𝐂𝐨𝐧𝐯𝐞𝐧𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐇𝐚𝐥𝐥, 𝐒𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫-𝟏𝟐. 𝐇𝐨𝐧'𝐛𝐥𝐞 𝐉𝐮𝐬𝐭𝐢𝐜𝐞 𝐀𝐝𝐚𝐫𝐬𝐡 𝐊𝐮𝐦𝐚𝐫 𝐆𝐨𝐞𝐥, 𝐂𝐡𝐚𝐢𝐫𝐦𝐚𝐧, 𝐍𝐆𝐓 𝐚𝐭𝐭𝐞𝐧𝐝𝐞𝐝 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐫𝐨𝐠𝐫𝐚𝐦 𝐚𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐡𝐢𝐞𝐟 𝐠𝐮𝐞𝐬𝐭 𝐚𝐧𝐝 𝐔𝐧𝐢𝐨𝐧 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐨𝐟 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐊𝐫𝐢𝐬𝐡𝐚𝐧 𝐏𝐚𝐥 𝐆𝐮𝐫𝐣𝐚𝐫, 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞’𝐬 𝐓𝐫𝐚𝐧𝐬𝐩𝐨𝐫𝐭 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐌𝐨𝐨𝐥𝐜𝐡𝐚𝐧𝐝 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐦𝐚, 𝐌𝐋𝐀𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐡𝐢𝐠𝐡-𝐫𝐚𝐧𝐤𝐢𝐧𝐠 𝐨𝐟𝐟𝐢𝐜𝐢𝐚𝐥𝐬 𝐰𝐞𝐫𝐞 𝐩𝐫𝐞𝐬𝐞𝐧𝐭.
फरीदाबाद, डिजिटल डेक्स।। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल ने कहा कि ठोस व तरल कचरा प्रबंधन के लिए हरियाणा सरकार देशभर में सबसे अच्छे कदम उठा रही है। इसका श्रेय हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल को जाता है।
एनजीटी द्वारा जारी आदेशों को हरियाणा सरकार प्रमुखता से लेकर उन पर कार्य करती है। इसी का उदाहरण है कि सरकार ने तत्काल ट्रीटमेंट वाटर को लेकर पॉलिसी बनाई है। ठोस व तरल कचरे का प्रबंधन अति आवश्यक है। इसके दुष्परिणाम हम सभी के लिए हैं सभी को इसके लिए प्रयास करना चाहिए।
आदर्श कुमार गोयल शुक्रवार को तरल व ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नई तकनीकों पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे।
आदर्श कुमार गोयल ने कहा कि हरियाणा ने यमुना में प्रदूषण को लेकर सख्त कार्रवाई की है। सोनीपत और पानीपत से निकलने वाले औद्योगिक कचरे को यमुना में डालने पर रोक लगाई है और वहां पर एसटीपी स्थापित किए हैं।
आदर्श कुमार गोयल ने कहा कि हरियाणा ने यमुना में प्रदूषण को लेकर सख्त कार्रवाई की है। सोनीपत और पानीपत से निकलने वाले औद्योगिक कचरे को यमुना में डालने पर रोक लगाई है और वहां पर एसटीपी स्थापित किए हैं।
गोयल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा को ट्रीटेड पानी को नदियों में न डालने को लेकर कहा तो हरियाणा ने इस ट्रीटेड पानी को भी नदियों में डालना बंद कर दिया है और इसका पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है। यह बेहद सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के राज्यों को हरियाणा की तरह कचरा प्रबंधन की समस्या के समाधान के लिए आनरशिप लेनी होगी।
अब कूड़ा प्रबंधन और वाटर ट्रीटमेंट के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लगाने का होना चाहिए कामः मुख्यमंत्री मनोहर लाल
अब कूड़ा प्रबंधन और वाटर ट्रीटमेंट के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लगाने का होना चाहिए कामः मुख्यमंत्री मनोहर लाल
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ठोस कूड़ा प्रबंधन व वाटर ट्रीटमेंट के छोटे-छोटे प्रोजेक्ट लगाने पर काम होना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों पर आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट तो लगाए ही जा रहे हैं लेकिन आज छोटे-छोटे प्रोजेक्ट की भी आवश्यकता है, जो किसी कॉलोनी, मोहल्ले व सोसायटी आदि में भी लगाए जा सकें।
आज इसके शुरुआती विषय पर विचार किया गया है, सफलता तब मिलेगी जब हम इसे जमीन पर उतारेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरा प्रबंधन को लेकर हरियाणा सरकार आगे बढ़कर काम कर रही है और अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रही है लेकिन समाज को भी जागरूक होना पड़ेगा और अपना योगदान देना होगा। तभी इस समस्या का समाधान होगा।
2030 तक 80 प्रतिशत ट्रीटेड पानी का होगा इस्तेमाल
2030 तक 80 प्रतिशत ट्रीटेड पानी का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हमें ट्रीटेड पानी का ज्यादा से ज्यादा पुनः इस्तेमाल करना चाहिए। हम हर दिन घरों में गाड़ी धोने, टॉयलेट, बागवानी के लिए ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। आज प्रदेश में 750 क्यूसिक ट्रीटेड पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, 2030 तक 80 प्रतिशत ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रदेश में कहीं भी एसटीपी लगाने से पहले उससे ट्रीटेड होने वाले पानी का पुनः इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को भविष्य में पानी की डबल पाइपलाइन डालने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ-साथ उद्योगों में भी ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल होगा।
साफ पानी को बचाना बड़ी आवश्यकता है। प्रदेश के थर्मल प्लॉटों में आसपास के 50 किलोमीटर में लगे एसटीपी के ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आह्वान करते हुए कहा कि हमें भावी पीढ़ी को धन-दौलत के साथ-साथ स्वच्छ पेय जल की विरासत भी देनी होगी और तभी सरकार ने मेरा पानी-मेरी विरासत योजना बनाई है।
तालाबों का किया जा रहा जीर्णोद्धार
तालाबों का किया जा रहा जीर्णोद्धार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेशभर में तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। पहले तालाब का पानी बेहद स्वच्छ होता था, जिसे हम पी भी सकते थे लेकिन अब तालाब दूषित हो रहे हैं और यह पशुओं को पानी पिलाने लायक भी नहीं बचे हैं।
ऐसे में हरियाणा सरकार ने पौंड अथॉरिटी बनाई है। प्रदेश में 18 हजार तालाब हैं, इनमें से 1726 तालाबों को चिन्हित किया गया है। अभी तक 611 तालाबों के जीर्णोद्धार का कार्य पूरा किया जा चुका है। एक-एक करके जल्द ही पूरे प्रदेश के सभी तालाबों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
वाहनों की स्क्रैप का भी किया जा रहा प्रबंधन
वाहनों की स्क्रैप का भी किया जा रहा प्रबंधन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वाहनों की स्क्रैप का भी प्रबंधन किया जा रहा है। सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए पुराने वाहनों को रि-साईकिल किया जा रहा है। इसके लिए भारत सरकार के सहयोग से नूंह में एक प्रोजेक्ट की शुरूआत की गई है। जल्द ही अन्य शहरों में भी इसे शुरू किया जाएगा।
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर जन जागरण की आवश्यकता
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर जन जागरण की आवश्यकता है। हमें जूट, कपड़े और डिस्पोजल बैग का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके लिए नए-नए स्टॉर्टअप काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कचरा प्रबंधन के लिए हमें पूरे समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है, तभी इन समस्याओं का निदान होगा। उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ खिलवाड़ न करें। पर्यावरण को सब मिलकर गंदा करेंगे तो बात बिगड़ जाएगी लेकिन सब मिलकर काम करेंगे तो स्वच्छता बन जाएगी।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जस्टिस प्रीतमपाल, विधायक सीमा त्रिखा, विधायक नरेंद्र गुप्ता, विधायक नयनपाल रावत, विधायक राजेश नागर, विधायक नीरज शर्मा, मुख्य सचिव संजीव कौशल, एसीएस सुधीर राजपाल, एसीएस विनीत गर्ग, एसीएस अरूण कुमार गुप्ता व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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