पिछले 2 साल में 1150.26 करोड रुपए किसानों को देने का कार्य किया है जो की यूपीए सरकार के 10 साल के बराबर है !
चंडीगढ़, डिजिटल डेक्स।। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हाल ही में ओलावृष्टि और भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का अब तक पोर्टल के माध्यम से 2720 गावों के 34064 किसानों ने 157557 एकड़ भूमि का खराबा बारे अवगत करवाया है। उन्होंने कहा कि 11 जिलों में वर्तमान में बारिश से रबी की फसलों में नुकसान हुआ है जिसका गिरदावरी करवाकर आंकलन किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री आज विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 𝟐𝟎𝟐𝟐 में ओलावृष्टि से फसल के हुए नुकसान की... भरपाई के लिए 𝟏𝟓𝟏.𝟒𝟐 करोड रुपए तथा 𝟐𝟎𝟐𝟏 में भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 𝟔𝟏𝟒. 𝟔𝟑 करोड रुपए और 𝟐𝟎𝟐𝟎 में खरीफ फसल के नुकसान के लिए 𝟐𝟔𝟗.𝟕𝟕 करोड रुपए और रबी फसल के लिए 𝟏𝟏𝟒.𝟒𝟒 करोड़ रुपए किसानों को दिए गए हैं ।
इस प्रकार पिछले 𝟐 साल में 𝟏𝟏𝟓𝟎.𝟐𝟔 करोड रुपए किसानों को देने का कार्य किया है... जो की यूपीए सरकार के 𝟏𝟎 साल के बराबर है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भिवानी में वर्ष 𝟐𝟎𝟐𝟎 में रबी फसल के मुआवजे के रूप में 𝟖.𝟔𝟐 करोड रुपए तथा खरीफ फसल 𝟐𝟎𝟐𝟏 के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए 𝟕.𝟕𝟎 करोड रुपए भेजे गए है।
उन्होंने कहा कि अब किसानों को चेक नहीं दिए जा रहे केवल बैंक ट्रांसफर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है। इसलिए किसानों को अपना खाता अपडेट करवाना होगा। जैसे ही ट्रेजरी में किसान अपना खाता अपडेट करवाएंगे उनके खाते में पैसा चला जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 𝟐𝟎𝟏𝟎 से लेकर 𝟐𝟎𝟏𝟓 तक 𝟏𝟎𝟎𝟎 करोड़ रूपया ट्रेजरी में पड़ा हुआ है, किसान क्लेम लेने के लिए नहीं आते... यदि किसान इस पैसे को लेने नहीं आते तो उसे किसानों के उत्थान में ही खर्च कर दिया जाएगा। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी 𝟓𝟔𝟓𝟕.𝟎𝟐 करोड़ रुपए खरीफ 𝟐𝟎𝟏𝟔 से रबी 𝟐𝟎𝟐𝟏-𝟐𝟐 तक का पैसा अलग से किसानों के खाते में भेजा गया है।
एक अन्य जवाब में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महेंद्रगढ़ में पाले से खराब हुई फसलों 𝟔𝟐𝟖 हेक्टेयर गेहूं व 𝟏𝟎𝟎𝟗 हेक्टेयर सरसों, कनीना में 𝟔𝟐𝟎𝟎 हेक्टेयर गेहूं तथा 𝟔𝟗𝟑𝟑 हेक्टेयर सरसों, नांगल चौधरी में 𝟓𝟑𝟕 हेक्टेयर सरसों तथा नारनौल में 𝟏𝟏𝟓 हेक्टेयर गेहूं के खराबी हुई है।
उन्होंने कहा कि अब किसानों को चेक नहीं दिए जा रहे केवल बैंक ट्रांसफर की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है। इसलिए किसानों को अपना खाता अपडेट करवाना होगा। जैसे ही ट्रेजरी में किसान अपना खाता अपडेट करवाएंगे उनके खाते में पैसा चला जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 𝟐𝟎𝟏𝟎 से लेकर 𝟐𝟎𝟏𝟓 तक 𝟏𝟎𝟎𝟎 करोड़ रूपया ट्रेजरी में पड़ा हुआ है, किसान क्लेम लेने के लिए नहीं आते... यदि किसान इस पैसे को लेने नहीं आते तो उसे किसानों के उत्थान में ही खर्च कर दिया जाएगा। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी 𝟓𝟔𝟓𝟕.𝟎𝟐 करोड़ रुपए खरीफ 𝟐𝟎𝟏𝟔 से रबी 𝟐𝟎𝟐𝟏-𝟐𝟐 तक का पैसा अलग से किसानों के खाते में भेजा गया है।
एक अन्य जवाब में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महेंद्रगढ़ में पाले से खराब हुई फसलों 𝟔𝟐𝟖 हेक्टेयर गेहूं व 𝟏𝟎𝟎𝟗 हेक्टेयर सरसों, कनीना में 𝟔𝟐𝟎𝟎 हेक्टेयर गेहूं तथा 𝟔𝟗𝟑𝟑 हेक्टेयर सरसों, नांगल चौधरी में 𝟓𝟑𝟕 हेक्टेयर सरसों तथा नारनौल में 𝟏𝟏𝟓 हेक्टेयर गेहूं के खराबी हुई है।
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इसके अलावा 𝟏𝟖 से 𝟐𝟐 मार्च को हुई बरसात के हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं जिसका किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा... उन्होंने कहा कि हरियाणा के हर किसान की इंच इंच भूमि की नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। एक अन्य जवाब में उन्होंने कहा कि पटौदी व फरुखनगर में हुए नुकसान की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान राज्य में सरकार हमेशा किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए अपनी जिम्मेदारी के प्रति सदैव तत्पर है। जब भी किसानों की फसलों को कोई नुकसान होता है तो सरकार द्वारा यथासमय मुआवजा दिया जाता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सूखे, धूल भरी आंधी, भूकंप, आग शार्ट-सर्किट या बिजली की चिंगारी के कारण लगी आग, आसमानी बिजली, बाढ़, ओलावृष्टि, भूस्खलन, बादल फटने, शीतलहर, पाला, लू तथा कीट हमलों से हुए फसल क्षति, पशुपालन नुकसान, मत्स्य नुकसान, हस्तशिल्प,हथकरघा नुकसान, आवास के लिए पीड़ितों को तत्काल राहत प्रदान करती है। आग लगने की स्थिति में व्यक्तिगत संपत्ति के नुकसान के लिए राज्य आपदा प्रबंधन कोष से मुआवजा प्रदान किया जाता है।
चौटाला ने कहा कि सरकार द्वारा बाढ़ , जलभराव, आग, बिजली की चिंगारी, भारी वर्षा, ओलावृष्टि, कीट हमले और धूल भरी आंधी के कारण होने वाले फसल नुकसान के लिए राज्य सरकार के मुआवजे के मानदंड भारत सरकार के मानदंडों की तुलना में अधिक है।
उन्होंने बताया कि 𝟑𝟑 प्रतिशत या इससे अधिक फसल का नुकसान होने पर 𝟕𝟓 प्रतिशत या इससे अधिक नुकसान होने पर 𝟏𝟓𝟎𝟎𝟎 रूपये प्रति एकड़, 𝟕𝟓 प्रतिशत तक नुकसान होने पर 𝟏𝟐𝟎𝟎𝟎 रूपये प्रति एकड़ और 𝟐𝟓 प्रतिशत से 𝟓𝟎 प्रतिशत तक नुकसान होने पर 𝟗𝟎𝟎𝟎 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा प्रदान किया जाता है
इसके अलावा हर हिस्सेदार को न्यूनतम 𝟓𝟎𝟎 रूपये बोये गये क्षेत्र तथा अधिकतम 𝟓 एकड़ प्रति किसान सीमा के अधीन सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि 𝟐𝟓 प्रतिशत से 𝟑𝟑 प्रतिशत के बीच फसलों में हुए नुकसान के लिए पूर्ण मुआवजा राशि राज्य सरकार के बजट से वहन की जाती है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 𝟐𝟔 अक्तूबर, 𝟐𝟎𝟏𝟒 से 𝟐𝟖 फरवरी 𝟐𝟎𝟐𝟑 तक पिछले 𝟖 साल के दौरान विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं... जैसे सूखा, बाढ़, भारी वर्षा, जलभराव, आग, ओलावृष्टि, कीट हमले और शीत लहर, पाला से फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के रूप में किसानों को लगभग 𝟑𝟗𝟎𝟐.𝟒𝟑 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि जारी की गई है।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग... हरियाणा सरकार की अधिसूचना 𝟑𝟎 जुलाई 𝟐𝟎𝟏𝟗 के अनुसार प्रदेश में 𝟎𝟏 फरवरी से 𝟎𝟏 मार्च तक रबी फसलों की सामान्य गिरदावरी की जाती है। इस अवधि के दौरान यदि फसलों में कोई खराबा पाया जाता है तो उसे सामान्य गिरदावरी में ही कवर कर लिया जाता है।
इसके अतिरिक्त सरकार ने 𝟎𝟐. फरवरी 𝟐𝟎𝟐𝟑 के तहत प्रदेश के सभी उपायुक्तों से अनुरोध किया गया है कि... राज्य में शीत लहर पाला तथा भारी वर्षा , ओलावृष्टि से रबी फसल, 𝟐𝟎𝟐𝟑 में कोई नुकसान हुआ है तो उसे सामान्य गिरदावरी मे कवर करते हुए खराबा रिपोर्ट अपने सम्बन्धित मण्डलीय आयुक्त के माध्यम से कथित प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार के नार्मज 𝟐𝟒 मई 𝟐𝟎𝟐𝟐 व भारत सरकार के नार्मज दिनांक 𝟏𝟎.अक्तूबर .𝟐𝟎𝟐𝟐 अनुसार सरकार को भिजवाना सुनिश्चित करे ।
जिलों से मण्डलीय आयुक्तों के माध्यम से रबी फसल 𝟐𝟎𝟐𝟑 की खराबा रिपोर्ट अभी तक अपेक्षित है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर सरकार के नार्मज , हिदायतों अनुसार आवश्यक कार्यवाही कर ली जायेगी। जहां तक जलभराव के कारण रबी फसल 𝟐𝟎𝟐𝟑 की बिजाई ना हो पाने का सम्बन्ध है बारे मामला सरकार के विचाराधीन है।
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