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चडीगढ - कटारिया ने कृषि कानूनों को लेकर कृषि मंत्री का किया आभार व्यक्त

तीनों कृषि बिल किसानों के लिए लेकर आएंगे खुशहाली, मंडियां और एमएसपी नहीं होगी खत्म


City Life Haryana
चडीगढ : केंद्रीय जल शक्ति, सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रतनलाल कटारिया ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर तीन कृषि कानूनों के लिए उनका धन्यवाद किया व उनके द्वारा दिए गए सुझावों का भी समर्थन किया है।

उन्होंने कहा मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि नए कानून लागू होने के बाद इस बार एमएसपी पर सरकारी खरीद के भी पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए है। ऐसे समय में जब सरकार एमएसपी पर खरीद के नए रिकॉर्ड बना रही है, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ रही बढ़ा रही है, कुछ लोग किसानों से झूठ बोल रहे हैं कि एमएसपी बंद कर दी जाएगी।

उन्होंने किसान संगठनों से आग्रह किया है कि राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित कुछ लोगों द्वारा फैलाए जा रहे इस सफेद झूठ को पहचाने और इसे सिरे से खारिज करे। सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना एमएसपी दिया, सरकार ने पिछले 6 साल में एमएसपी के जरिए लगभग दोगुनी राशि किसानों के खातों में पहुंचाई, वह सरकार एमएसपी कभी बंद नहीं करेगी, एमएसपी जारी है और जारी रहेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए किसान कल्याण, उनके जीवन की सबसे अहम प्रतिबद्धताओं में से एक है। किसानों की आय बढ़ाने, उनके जीवन में समृद्धि लाने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केन्द्र सरकार लगातार फैसले ले रही है। बीते 6 वर्षों में किसान को सशक्त करने के लिए सरकार द्वारा बीज से बाजार तक हर वह फैसला लिया गया है, जो किसान के लिए खेती को और आसान बनाएं, उनकी मुश्किलें कम करें और मुनाफा बढ़ाए। हमारे देश में 80 फीसदी छोटे किसान है, जिनकी पास 1-2 एकड़ ही जमीन है ऐसे किसान आजादी के बाद से ही खेती सिर्फ पेट पालने के लिए करते रहे है। सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ इन छोटे किसानों को हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए 6 हजार सालाना किसान देने के पीछे यही मकसद है कि मुश्किल वक्त में आप कर्ज ना लें, फसल बीमा का कवच आपको प्राकृतिक आपदा से बर्बाद हुई फसल की भरपाई करता है। सॉयल हेल्थ कार्ड से किसान को अपनी जमीन की सेहत का सही पता चल रहा है तो नमी कोटिंग यूरिया ने खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाकर किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है द्य अन्नदाता ऊर्जा दाता भी बने, देश इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

मंडिया चालू हैं और चालू रहेंगी, एपीएमसी को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ साथ खुला बाजार आपको अपने घर पर ही अपनी उपज को अच्छे दामों पर बेचने का विकल्प भी देगा। कृषि उपज मंडियां पहले की तरह काम करती रहेंगी। बीते 5-6 वर्षों में कृषि मंडियों को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च किए है। इन्हें आने वाले समय में और आधुनिक बनाया जाएगा। जिन लोगों की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है, वह लोग पूरी तरह से यह काल्पनिक झूठ फैला रहे हैं कि किसानों की जमीन छीन ली जाएगी।

जब किसान और व्यापारी के बीच एग्रीमेंट सिर्फ उपज का होगा तो जमीन कैसे चली जाएगी। नए कानून में साफ उल्लेख है कि जमीन पर किसान का ही मालिकाना हक रहेगा। जो सरकार गांव में रहने वाले हर परिवार को स्वामित्व योजना के जरिए उनके घर का भी मालिकाना हक प्रदान कर रही है, वह किसानों की एक इंच जमीन भी किसी को जाने नहीं देगी। सरकार की नीयत और नीति दोनों से किसान के हित में है। उन्होंने भारत के अन्नदाता से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में ना आए और कृषि कानूनों का समर्थन करे।

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