कर्मचारियों व अधिकारियों के हित में यह योजना बहुत ही लाभकारी योजना
इसलिए सभी पुलिस अधिकारियों व
कर्मचारियों के एचडीएफसी बैंक में सैलरी खाते खोले गए हैं। एचडीएफसी बैंक के
अधिकारियों द्वारा आज पुलिस अधीक्षक के माध्यम से उप निरीक्षक दिलबाग सिंह की
पत्नी आशा रानी को दिलबाग सिंह की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने के कारण तीस लाख
रूपए का ड्राफ्ट प्रदान किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अचानक
परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्यों के सामने अपना
जीवन यापन करना बहुत मुश्किल हो जाता है। लेकिन एचडीएफसी बैंक ने यह बहुत ही अच्छी
योजना शुरू की है जिससे पीड़ित परिवार को कुछ आर्थिक सहायता मिलती है। इस मौके पर एचडीएफसी
बैंक के क्लस्टर हेड रोहित चड्डा, प्रिंसिपल नोडल अधिकारी राजीव मेहरा व नोडल अधिकारी रोहित महाजन मौजूद रहे।
राजीव मेहरा प्रिंसिपल नोडल ऑफिसर
ने बताया कि 6 अगस्त 2015 से एचडीएफसी बैंक द्वारा यह योजना लागू की गई थी कि यदि पुलिस
विभाग हरियाणा के अधिकारी एवं कर्मचारी का सैलरी खाता एचडीएफसी बैंक में है और
उसको वेतन की अदायगी भी एचडीएफसी बैंक के माध्यम से की जाती है और यदि भविष्य में
एचडीएफसी बैंक से वेतन पाने वाले कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होती है तो
उसके नॉमिनी को बैंक की ओर से तीस लाख रूपए और सामान्य मृत्यु होने पर ढाई लाख की
आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि अब तक पुलिस
विभाग यमुनानगर के 12 सामान्य
मृत्यु केसो में लगभग 28 लाख रुपए व
सड़क दुर्घटना के 4 केसो में 80 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई
है। उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक द्वारा हरियाणा पुलिस के अधिकारियों व
कर्मचारियों को अब तक 617 मामलों में
49 करोड़ 54 लाख रुपए की की आर्थिक सहायता
राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि बैंक की इस योजना से पीड़ित परिवार को
अपना जीवन यापन करने में आर्थिक मदद मिलती है। एचडीएफसी बैंक द्वारा कर्मचारियों व
अधिकारियों के हित में यह योजना बहुत ही लाभकारी है।
.png)


