देश के किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अच्छी सौगात है
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपना जन कल्याणकारी बजट पेश कर दिया है।
पूरे देश को पता है कि हम पिछले एक साल से कोरोना काल की किन परिस्थितियों से गुजर
रहे हैं। हरियाणा समेत कोई राज्य ऐसा नहीं है, जहां कोरोना से निपटने की व्यवस्थाएं
करने में अतिरिक्त धनराशि खर्च नहीं हुई। हर जगह राजस्व संग्रहण में कमी आई।
हरियाणा को करीब 12 हजार करोड़ रुपये का काम राजस्व मिला, लेकिन मुझे इस बात
की बेहद खुशी है कि जिस तरह से पिछला पूरा साल कोविड से प्रभावित होकर निकला और
उसकी वजह से पूरा अर्थतंत्र बिगड़ गया, आर्थिक व्यवस्थाएं पूरी तरह से चरमरा गई, मगर इसके बाद भी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत संतुलित और लोकहित का बजट पेश किया
है।
हम अगर कृषि क्षेत्र की बात करें तो इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने 75 हजार करोड़ रुपये की बहुत बड़ी राशि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ज्यादा खर्च करने का प्रावधान किया है। इसका मतलब साफ है कि फसलों के दाम बढ़ेंगे और इससे भी ज्यादा स्पष्ट बात यह है कि एक बार फिर केंद्रीय बजट में इस बात की प्रतिबद्धता दोहराई गई है कि एमएसपी किसी सूरत में खत्म नहीं होने जा रही है। यह कांग्रेस द्वारा गुमराह किए जा रहे देश के किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अच्छी सौगात है।
पशुपालन, सिंचाई व डेयरी के क्षेत्र में 50 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। साढ़े 25 हजार करोड़ रुपये किसान उत्पादक किसानों के लिए रखे गए हैं। हरियाणा की एक बहुत बड़ी बेल्ट है, जहां कपास की खेती होती है। इसका फायदा हरियाणा को सबसे ज्यादा होगा। यहां के पशुओं की विशेष नस्लें देश और दुनिया में प्रसिद्ध हैं। बजट में हरियाणा की खासतौर से चिंता की गई है।
केंद्रीय वित्तमंत्री के इस बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देश के आम जन के तमाम हितों की चिंता साफ झलकती है। बजट में में विशेष तौर पर बच्चों व युवाओं की अच्छी शिक्षा, लोगों का उत्तम स्वास्थ्य, देश-प्रदेशों का ढांचागत विकास और जन-जन की सामाजिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है, ताकि सामान्य समाज को इसका पूरा लाभ मिल सके।
कोविड के चलते राज्य सराकरों का काफी बजट सुविधाओं और व्यवस्थाएं बनाने पर खर्च हुआ है। इस नाते से केंद्रीय बजट में इस खर्च की भरपाई करने के लिए राज्यों को बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई है, ताकि राज्यों को इसका लाभ हो सके। निसंदेह हरियाणा को भी इसका आॢथक फायदा मिलने वाला है।
प्रधानमंत्री जी ने देश के हर नागरिक को सुविधायुक्त बनाने की बड़ी पहल की है। एक देश एक राशन पर सरकार ने खास फोकस रखा है। एक राशन कार्ड धारक व्यक्ति अब देश में कहीं से भी अपनी जरूरत का राशन ले सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार अभूतपूर्व और क्रांतिकारी काम करने जा रही है। हायर एजुकेशन के लिए अलग कमीशन गठित होने से अनुभवी व विशेषज्ञ लोगों की सेवाएं हासिल हो सकेंगी। पढ़ाई देश और स्वयं के विकास में काम आएगी। इस कार्य में हर किसी राजनीतिक दल को राजनीति से ऊपर उठकर शिक्षा के लिए काम करना चाहिये। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की राशि सरकार का बड़ा फैसला है। केंद्र सरकार ने 758 एकलव्य स्कूल खोलने की बात कही है। 15 हजार सरकारी स्कूलों का स्तर बढ़ेगा। उन्हें हायर एजुकेशन की तरफ ले जाने की योजना है।
स्वास्थ्य के नाते से पिछले बजट की अपेक्षा इस बार 137 प्रतिशत बजट बढ़ाया गया है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। जितनी भी चीजें आवश्यक थी, सामाजिक सुरक्षा को लेकर सब चीजों का ध्यान रखा गया है। परिवहन मंत्रालय को एक लाख 18 हजार करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। इससे परिवहन और उसका इन्फ्रास्ट्रक्चर अच्छा होगा। देश प्रगति करेगा। बीमा कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 फीसदी की गई है। इसमें बीमा कंपनियां मजबूत होंगी तथा लोगों का सुरक्षा कवच ज्यादा प्रभावशाली व मजबूत बनेगा। आम जन के इस्तेमाल की कई वस्तुओं को इस बजट में सस्ता किया गया है। इस बजट में मेड इन इंडिया का भी खासतौर से ध्यान रखा गया है। बजट से मुझे बहुत संतुष्टि है।
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