क्षेत्र के किसानो को मिलेगा फायदा, रोजगार के भी बढेगें अवसर : कर्णदेव कांबोज
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Life Haryana।रादौर : हैफेड़ परिसर में
लाखो रूपए की लागत से स्थापित किए गए प्रदेश के एकमात्र हल्दी प्रोसेसिंग प्लांट
में एक बार फिर रौनक लौटने वाली है। हैफेड परिसर में लगा यह प्लांट पिछले करीब 5 वर्षो से बंद पड़ा
हुआ था। जिससे प्लांट की मशीनरी भी धूल फांक रही थी।
लेकिन पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज के प्रयासो से अब इस प्लांट
को आधुनिक रूप देकर शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही प्लांट में नई
आधुनिक मशीनरी लगाई जाएंगी और प्लांट की इमारत को भी दरूस्त करने का कार्य किया
जाएंगा। जिस पर विभाग द्वारा करीब 7 करोड़ रूपए खर्च किए जाने की योजना है।
-हाईजैंनिक आटोमैटिक होगा प्लांट, पाऊडर के साथ हल्दी
का तेल भी होगा तैयार..
विभाग की ओर से एक बार फिर से शुरू किए जाने वाले इस प्लांट में
इस बार नवीनीकरण के साथ साथ आधुनिकता का भी सहारा लिया जाएगा। प्लांट में लगने
वाली मशीन पूरी तरह से आधुनिक ढांचे की होगी। जिससे न केवल अच्छी गुणवत्ता की
हल्दी यहां तैयार होगी बल्कि हल्दी का पाऊडर तैयार करने की क्षमता भी बढ़ेगी। इस
बार हल्दी पाऊडर के साथ साथ प्लांट में हल्दी का तेल भी तैयार
किया जाएगा, जो कि कई प्रकार के गंभीर रोगो में लाभदायक होता है।-मैनुअल व फसल की कमी के कारण बंद हुआ था प्रदेश
का एकमात्र हल्दी प्लांट..
हैफेड़ के मैनेजर पवन कांबोज ने बताया कि प्रदेश के एकमात्र
हल्दी प्लांट की रादौर में वर्ष 2००9 में शुरूआत की गई थी। लेकिन प्लांट के मैनुअल
होने व क्षेत्र से प्रर्याप्त मात्रा में फसल उपलब्ध न होने के कारण प्लांट बंद हो
चुका था। हालांकि शुरूआत में उन्होंनें प्लांट के सुचारू रखने में काफी प्रयास किए
लेकिन कुछ तकनीकी कमियां भी इसमें आड़े आई और प्लांट नहीं चल पाया। अब दोबारा से
शुरू होने वाले इस हल्दी प्लांट में प्रतिदिन 16 क्ंिवटल हल्दी पाऊडर
तैयार होगा। किसानो को अधिक से अधिक प्लांट का लाभ मिल सके इसके लिए किसानो को
जागरूक करने के लिए भी विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएंगा।-क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात, किसानो को मिलेगा
फायदा : कर्णदेव
पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज ने बताया कि लाखो रूपए की लागत से
तैयार हुए हल्दी प्लांट में अब सरकार की ओर से जान फूंकने की पूरी तैयारी कर ली गई
है। जिसका क्षेत्र के किसानो को पूरा फायदा मिलेगा। प्लांट के शुरू होने से किसान
भी अपने फसलचक्र को मैटेंन रख पाएगा वहीं हल्दी की फसल लगाकर अपनी कमाई को भी
बढ़ाने का कार्य किसान करेगा। यह हल्दी प्लांट पिछले 5 वर्षो से बंद पड़ा
हुआ था। जिसके बाद उन्होने मुख्यमंत्री व विभाग के उच्चाधिकारियों से बातचीत की और
इस प्लांट को शुरू करवाने का आग्रह किया। जिस पर इस मांग को पूरा करते हुए 7 करोड़ रूपएं की
मंजूरी विभाग को मिल गई है। हल्दी की फसल में पानी की कम खपत होती है। जिससे जैसे
जैसे किसान इस फसल के प्रति जागरूक होगें पानी को बचाने में भी इससे मदद मिल
पाएगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी पैदा होगें।