जेल में बंद चचेरे भाई के हत्यारोपित जरीफ ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली, बंदी जरीफ ने जेल में लगे पेड़ में फंदा लगाकर जान दी, करीब (Thursday) दोपहर तीन बजे का मामला है। शव पेड़ से लटका देख जेल में हड़कंप मच गया।
वही, परिजनों ने इस मामले में जेल प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा की जेल में भी बंदी सुरक्षित नही है। इस मामले में सिटी जगाधरी पुलिस मौके पर पहुंची उन्होंने बताया कि मैजिस्ट्रेट के सामने शव को पेड़ से उतारा गया। इस मामले की मैजिस्ट्रेट जांच की जा रही है।
जेल में हत्या के आरोप में बन्द बंदी कैदियों की गिनती की गई और जरीफ नही मिला, तब उसे आसपास ढूंढा गया तो पेड़ पर जरीफ लटका हुआ मिला। जिसके बाद एसपी जेल के साथ साथ थाना शहर जगाधरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और मैजिस्ट्रेट के सामने शव को उतार पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतक जरीफ के साले अब्दुल रहमान ने बताया कि उन्हें जेल प्रशासन ने फोन पर सूचना दी थी कि जरीफ ने सुसाइड कर लिया है। जब हम पहुंचे तो जरीफ की लाश पेड़ पर लटकी हुई थी। उन्होंने जेल प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जेल में स्टाफ है चौकीदार है ऐसे में कैदी सुरक्षित नही है। क्योंकि जरीफ ने सुसाइड किया और किसी ने भी नही देखा। कैदियों की सुरक्षा के बारे में जेल को देखना चाहिए।
इस मामले में
एसएचओ थाना सिटी जगाधरी सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी की जेल में
एक बंदी ने पेड़ से लटक कर सुसाइड किया है। हत्या के मामले में ये 16 मार्च से जेल में था। इनका प्लाट को लेकर आपसी विवाद था जिसमे एक कि मौत हुई
थी। जिस सूचना पर हमारी टीम पहुंची और मैजिस्ट्रेट के सामने उसके शव को पेड़ से
उतारा गया। ये 16 मार्च से हत्या के
मामले में जेल में बन्द था।
गौरतलब है कि बीबीपुर गांव में एक कनाल के प्लाट (बाडे की जमीन) पर मुबारिक और उसके चचेरे भाईयों इस्लाम व जरीफ के बीच बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार इस प्लाट पर हिस्से को लेकर आपस में बातचीत चल रही थी, लेकिन कोई हल नहीं निकला था। 10 मार्च 2021 की रात को इसी विवाद के निपटारे को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत गांव के ही फारूख के कार्यालय पर हुई थी। जिसमें सरपंच इनाम समेत गांव के कई अन्य लोग भी शामिल हुए थे। करीब डेढ़-दो घंटे तक पंचायत चली थी। जिसमें तय हुआ था कि 11 मार्च को प्लाट की पैमाइश की जाएगी। यहां से पंचायत खत्म कर जैसे ही मुबारिक बाहर निकला, तो फिर से इस्लाम व मुबारिक के बीच गाली गलौज होने लगी।
पंचायत के फैसले को
मानने से इस्लाम व जरीफ ने इंकार कर दिया था। इस दौरान दोनों के बीच मारपीट हुई।
जिसमें जरीफ ने मुबारिक के सिर पर डंडा मारा। जिससे वह नीचे गिर पड़ा। इतने में
इस्लाम ने उसके पेट में छूरा घोंप दिया था। गंभीर हालत में मुबारिक को अस्पताल में
लेकर गए थे। जहां उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मृतक के भाई आरिफ की
शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया था। पुलिस ने दोनों भाईयों को 14 मार्च को गिरफ्तार किया। दो दिन के रिमांड पर रखने के बाद उन्हें 16 मार्च को जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से ही दोनों भाई जेल में थे।