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Rohtak- घुटनेभर पानी में चलकर जलभराव का जायजा लेने पहुंचे भूपेंद्र सिंह हुड्डा

𝐓𝐚𝐥𝐤𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐨 𝐭𝐡𝐞 𝐦𝐞𝐝𝐢𝐚 𝐝𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐡𝐢𝐬 𝐯𝐢𝐬𝐢𝐭, 𝐇𝐨𝐨𝐝𝐚 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐨𝐧𝐝𝐢𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐞𝐨𝐩𝐥𝐞 𝐢𝐬 𝐩𝐚𝐭𝐡𝐞𝐭𝐢𝐜 𝐚𝐧𝐝 𝐡𝐚𝐬 𝐜𝐨𝐦𝐞 𝐥𝐢𝐤𝐞 𝐭𝐡𝐞 𝐟𝐥𝐨𝐨𝐝𝐬 𝐨𝐟 𝟏𝟗𝟗𝟓 𝐛𝐮𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐚𝐧𝐝 𝐚𝐝𝐦𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐫𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐡𝐚𝐯𝐞 𝐝𝐨𝐧𝐞 𝐧𝐨𝐭𝐡𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐨 𝐡𝐞𝐥𝐩 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐞𝐨𝐩𝐥𝐞. “𝐓𝐡𝐞 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐡𝐚𝐬 𝐥𝐞𝐟𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐞𝐨𝐩𝐥𝐞 𝐭𝐨 𝐟𝐞𝐧𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐭𝐡𝐞𝐦𝐬𝐞𝐥𝐯𝐞𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐢𝐭 𝐬𝐞𝐞𝐦𝐬 𝐚𝐬 𝐢𝐟 𝐭𝐡𝐞𝐫𝐞 𝐢𝐬 𝐧𝐨 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐢𝐧 𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚. 𝐓𝐨𝐝𝐚𝐲, 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐞𝐨𝐩𝐥𝐞 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐚𝐫𝐞 𝐟𝐚𝐜𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐞 𝐛𝐫𝐮𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐡𝐮𝐧𝐝𝐫𝐞𝐝𝐬 𝐨𝐟 𝐜𝐫𝐨𝐫𝐞 𝐬𝐜𝐚𝐦𝐬 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐀𝐌𝐑𝐔𝐓 𝐬𝐜𝐡𝐞𝐦𝐞 𝐦𝐞𝐚𝐧𝐭 𝐭𝐨 𝐢𝐦𝐩𝐫𝐨𝐯𝐞 𝐬𝐞𝐰𝐞𝐫𝐚𝐠𝐞 𝐚𝐧𝐝 𝐝𝐫𝐚𝐢𝐧𝐚𝐠𝐞 𝐬𝐲𝐬𝐭𝐞𝐦𝐬,” 𝐡𝐞 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞𝐝.



Highlights

  • हुड्डा ने सड़कों, गलियों और घरों में जा जाकर देखे हालात, लोगों से की मुलाक़ात 
  • जलभराव से परेशान हैं लोग, गहरी नींद में सोयी पड़ी है सरकार
  • बाढ़ जैसे हालात, जल्द जलनिकासी व लोगों को मुआवजे की व्यवस्था करे सरकार
  • अमृत योजना में हुए करोड़ों के घोटालों का नतीजा आज सबके सामने, सरकार इसकी सीबीआई से जांच करवाए
  • युद्ध-स्तर पर राहत कार्य करे सरकार 





रोहतक, डिजिटल डेक्स।। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा आज रोहतक में घुटनेभर पानी में चलकर बारिश के बाद हुए जलभराव का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने खुद अलग-अलग इलाकों और घरों में जाकर हालात देखे और लोगों से मुलाकात की। 

इस मौके पर लोगों ने उनके सामने अपनी पीड़ा बयाँ की। स्थानीय लोगों ने बताया कि 2 दिनों से उनके घरों में पानी लगा है, लेकिन सरकार व प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। लोगों का फर्नीचर व अन्य सामान भीगकर खराब हो गया। कई जगह जलभराव की वजह से घर में करंट उतर आया। गलियां व सड़कें लबालब होने की वजह से आवाजाही बाधित हुई। लेकिन सरकार की तरफ से किसी ने उनकी सुध नहीं ली गई।

इस दौरान कई लोग भावुक भी हुए। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा कार्यकाल के दौरान उन्होंने कभी भी ऐसे हालात नहीं देखे। लेकिन, अब बदहाली की यह तस्वीरें आम हो गई हैं। प्रशासन द्वारा ना जलभराव को रोकने लिए कोई इंतजाम किया जाता और ना ही जल निकासी की कोई व्यवस्था की जाती है।

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लोगों की स्थिति बेहद दयनीय है। हालात 1995 की बाढ़ जैसे हो गए हैं, लेकिन सरकार व प्रशासन सोए पड़े हैं। सरकार ने लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया है। ऐसा लग रहा है मानो हरियाणा में सरकार है ही नहीं। 

सीवरेज व जल निकासी की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए बनी अमृत योजना में हुए सैंकड़ों करोड़ के घोटाले का खामियाजा आज प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। रोहतक, गुड़गांव, फरीदाबाद समेत पूरे हरियाणा में अमृत योजना के नाम पर सैंकड़ों करोड़ के घोटाले हुए। खुद बीजेपी नेताओं ने इसके आरोप लगाए। लेकिन, आज तक इसकी कोई जांच नहीं हुई। सरकार अविलम्ब इसकी सीबीआई से जांच करवाए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार को युद्ध स्तर पर कार्य करना होगा। मौसम की पहली बारिश ने ही सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी। आने वाले दिनों में ऐसी स्थिति दोबारा न हो उसके लिए तुरंत कारगर कदम उठाने होंगे। 

उनकी मांग है कि जल्द से जल्द जल निकासी के स्थायी समाधान के लिए उपयुक्त इंतजाम किए जाएं और जिन लोगों को जलभराव की वजह से नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाए। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रोहतक में सतीश पंसारी (पूर्व चेयरमैन) की रस्म क्रिया में पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।


Former Haryana Chief Minister and Leader of Opposition Bhupinder Singh Hooda today took stock of waterlogging in Rohtak after rain. He went to different areas and homes and saw the situation and walked in knee-deep water to visit families hit by waterlogging.

On this occasion, people expressed their pain in front of him, and said their homes have been water-logged for the past two days but the government and administration have remained mute spectators. “People's furniture and house-hold other items got submerged in water and got spoiled. Due to waterlogging at many places, electricity current also became a serious threat for the people and the movement was hampered due to congested lanes and roads. While people suffered, the government did not come out to assist and help people,” he said.

Many people also became emotional during these interactions as they said that they never had to face such a situation when Bhupinder Singh Hooda was the Chief Minister. They said such photographs of people’s plight have become common as the government neither made any arrangement to prevent water logging nor for drainage, when the water entered their homes.

Talking to the media during his visit, Hooda said the condition of the people is pathetic and has come like the floods of 1995 but the government and administration have done nothing to help the people. “The government has left the people to fend for themselves and it seems as if there is no government in Haryana. Today, the people of the state are facing the brunt of hundreds of crore scams in the AMRUT scheme meant to improve sewerage and drainage systems,” he stated.

“Scams worth hundreds of crores took place in the name of AMRUT scheme in entire Haryana including Rohtak, Gurgaon, Faridabad. BJP leaders themselves made these allegations, but no investigations have been carried out till date. The government should get these allegations investigated by the CBI,” he said.

Hooda said that the government will have to work on a war footing to provide relief to the people. “The first rain of the season exposed the government claims. The government must ensure that such a situation is not repeated, and hence effective steps need to be taken. For now, the government must ensure that waterlogging is cleared by draining out the water and proper compensation is given to all the people who have suffered damage due to the failure of the government,” he added.


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