फैक्ट्री लगने से नही होगी धार्मिक आस्था को ठेस- फैक्ट्ररी संचालक अंकित विनायक
जयप्रकाश कांजनू ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी व
संचालक उन्हें फैक्ट्ररी के फायदे गिनवा कर भ्रमित करना चाहते है। जबकि उन्हें
अपनी धार्मिक आस्था से समझौता करना मंजूर नहीं है। आज यहां बर्ड लाइसैंस की बात
कहकर ग्रामीणों को संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन इससे भी इंकार
नहीं किया जा सकता है कि इसके बाद संचालक अपने फायदे के लिए यहां पशु कटाई का
लाईसैंस भी ले आएं, जो क्षेत्र के लोगों के लिए नासुर बन जाएंगा और उनकी धार्मिक
आस्था पर कड़ा प्रहार होगा। उन्होंने कहा कि जब गांव के नजदीक डिच डे्रन लगी थी तब
भी ऐसा ही हुआ था। उन्हें कहा गया था कि इसका फायदा ग्रामीणो को मिलेगा। लेकिन अब
ग्रामीण इससे परेशान है। यह प्रौसेसिंग यूनिट नहीं बल्कि बूचडख़ाना है। जिससे
धार्मिक भावना भी आहत होगी और पर्यावरण का नुकसान भी होगा। गांवो में बिमारियां
फैलना भी तय है। लेकिन सरकार व प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण ऐसा
नहीं होने देगें। संचालक ग्रामीणो पर दबाव डालने का प्रयास कर रहे है। लेकिन वह
दबाव में नहीं आएंगें। अगर फैक्ट्ररी संचालक ग्रामीणो का फायदा चाहते है तो अड़ीयल
रवैया छोड़े और यहां कोई अन्य प्रौजेक्ट लगाएं। जिसमें ग्रामीण उनकी हर संभव मदद
करेगें। लेकिन इस प्रकार का कार्य ग्रामीणों को मंजूर नहीं है। इस अवसर पर
शिवकुमार, सचिन कांजनू, पवन कुमार, सुखबीर, अशोक कुमार, जोगिंद्र, विनोद, बीरसिंह, अमित, रामेश्वर, रिंकू इत्यादि मौजूद
थे।
फैक्ट्री लगने से नही होगी धार्मिक आस्था को ठेस
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