𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐒𝐩𝐨𝐫𝐭𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐘𝐨𝐮𝐭𝐡 𝐀𝐟𝐟𝐚𝐢𝐫𝐬 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫, 𝐒𝐚𝐧𝐝𝐞𝐞𝐩 𝐒𝐢𝐧𝐠𝐡 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐆𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐢𝐬 𝐭𝐚𝐤𝐢𝐧𝐠 𝐢𝐦𝐩𝐨𝐫𝐭𝐚𝐧𝐭 𝐝𝐞𝐜𝐢𝐬𝐢𝐨𝐧𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐢𝐦𝐩𝐫𝐨𝐯𝐞𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐚𝐠𝐫𝐢𝐜𝐮𝐥𝐭𝐮𝐫𝐞 𝐚𝐧𝐝 𝐮𝐩𝐥𝐢𝐟𝐭𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞, 𝐛𝐞𝐬𝐢𝐝𝐞𝐬 𝐩𝐫𝐨𝐜𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐨𝐟 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐚𝐭 𝐌𝐒𝐏 𝐚𝐬 𝐰𝐞𝐥𝐥 𝐚𝐬 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐞𝐧𝐬𝐚𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐜𝐫𝐨𝐩 𝐥𝐨𝐬𝐬 𝐝𝐮𝐞 𝐭𝐨 𝐧𝐚𝐭𝐮𝐫𝐚𝐥 𝐜𝐚𝐥𝐚𝐦𝐢𝐭𝐲 !
कुरूक्षेत्र / 𝐂𝐢𝐭𝐲 𝐋𝐢𝐟𝐞 𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚. 𝐂𝐨𝐦
हरियाणा के खेल एवं युवा मामले मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में कृषि सुधार और किसानों के उत्थान के लिए अहम निर्णय लेते हुए किसानों की फसलों की एमएसपी पर खरीद करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान की समय पर भरपाई सुनिश्चित कर रही है। इस प्रकार राज्य सरकार बीज से बाजार तक हर कदम पर किसान के साथ खड़ी है।
खेल मंत्री संदीप सिंह ने कुरूक्षेत्र में बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने गत वर्ष के दौरान किसानों को उनकी फसलों का 𝟐𝟕 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया है। प्राकृतिक आपदा से खराब फसलों के लिए मुआवजा राशि 𝟏𝟐 हजार रुपये से बढ़ाकर 𝟏𝟓 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है। हाल ही में खरीफ-𝟐𝟎𝟐𝟏 में खराब हुई फसलों के लिए 𝟓𝟔𝟏 करोड़ रुपये मुआवजा तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग 𝟕𝟎𝟎 करोड़ रुपये के क्लेम स्वीकृत किए गए हैं। एमएसपी पर 𝟏𝟒 फसलों की खरीद करने वाला हरियाणा देश का एकमात्र राज्य है। खरीफ विपणन सीजन 𝟐𝟎𝟐𝟏 से बाजरे के लिए भी भावांतर भरपाई योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत 𝟐.𝟒𝟎 लाख किसानों को बाजरे की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य और औसत बाजार मूल्य के अंतर 𝟔𝟎𝟎 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 𝟒𝟑𝟔 करोड़ रुपये की राशि भावांतर भरपाई योजना में दी गई है।
कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना शुरू की है। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए भिवानी, नूंह और झज्जर में तीन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे है। मशरूम की खेती के लिए सामान्य किसानों को 𝟒𝟎 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के किसानों को 𝟗𝟎 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। वर्ष 𝟐𝟎𝟐𝟏-𝟐𝟐 में फसल विविधीकरण और जल संरक्षण के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत योजना में एग्रो फोरेस्ट्री को भी जोड़ा गया है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उचाना खुर्द में नवनिर्मित कौशल वृद्धि केन्द्र (सीएसआर आर्म) का उद्घाटन किया. यह कौशल वृद्धि केन्द्र होंडा इंडिया फाउण्डेशन के सौजन्य से करीब 30 लाख रूपए की लागत से बना है..
𝐖𝐡𝐢𝐥𝐞 𝐢𝐧𝐭𝐞𝐫𝐚𝐜𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐢𝐧 𝐊𝐮𝐫𝐮𝐤𝐬𝐡𝐞𝐭𝐫𝐚, 𝐒𝐚𝐧𝐝𝐞𝐞𝐩 𝐒𝐢𝐧𝐠𝐡 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐝𝐮𝐫𝐢𝐧𝐠 𝐭𝐡𝐞 𝐥𝐚𝐬𝐭 𝐲𝐞𝐚𝐫, 𝐭𝐡𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐆𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐡𝐚𝐬 𝐩𝐚𝐢𝐝 𝐦𝐨𝐫𝐞 𝐭𝐡𝐚𝐧 𝐑𝐬. 𝟐𝟕,𝟎𝟎𝟎 𝐜𝐫𝐨𝐫𝐞 𝐭𝐨 𝐭𝐡𝐞 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐭𝐡𝐞𝐢𝐫 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐭𝐡𝐫𝐨𝐮𝐠𝐡 𝐃𝐁𝐓. 𝐓𝐡𝐞 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐞𝐧𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐚𝐦𝐨𝐮𝐧𝐭 𝐟𝐨𝐫 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐝𝐚𝐦𝐚𝐠𝐞𝐝 𝐝𝐮𝐞 𝐭𝐨 𝐧𝐚𝐭𝐮𝐫𝐚𝐥 𝐜𝐚𝐥𝐚𝐦𝐢𝐭𝐲 𝐡𝐚𝐬 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐢𝐧𝐜𝐫𝐞𝐚𝐬𝐞𝐝 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐑𝐬. 𝟏𝟐,𝟎𝟎𝟎 𝐭𝐨 𝐑𝐬. 𝟏𝟓,𝟎𝟎𝟎 𝐩𝐞𝐫 𝐚𝐜𝐫𝐞. 𝐑𝐞𝐜𝐞𝐧𝐭𝐥𝐲, 𝐑𝐬, 𝟓𝟔𝟏 𝐜𝐫𝐨𝐫𝐞 𝐚𝐬 𝐜𝐨𝐦𝐩𝐞𝐧𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐟𝐨𝐫 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐝𝐚𝐦𝐚𝐠𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐊𝐡𝐚𝐫𝐢𝐟-𝟐𝟎𝟐𝟏 𝐚𝐧𝐝 𝐜𝐥𝐚𝐢𝐦𝐬 𝐰𝐨𝐫𝐭𝐡 𝐚𝐛𝐨𝐮𝐭 𝐑𝐬. 𝟕𝟎𝟎 𝐜𝐫𝐨𝐫𝐞 𝐡𝐚𝐯𝐞 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐚𝐩𝐩𝐫𝐨𝐯𝐞𝐝 𝐮𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐏𝐫𝐚𝐝𝐡𝐚𝐧 𝐌𝐚𝐧𝐭𝐫𝐢 𝐅𝐚𝐬𝐚𝐥 𝐁𝐢𝐦𝐚 𝐘𝐨𝐣𝐚𝐧𝐚. 𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐢𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐨𝐧𝐥𝐲 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐨𝐮𝐧𝐭𝐫𝐲 𝐭𝐨 𝐩𝐫𝐨𝐜𝐮𝐫𝐞 𝟏𝟒 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐚𝐭 𝐌𝐒𝐏. 𝐁𝐡𝐚𝐯𝐚𝐧𝐭𝐚𝐫 𝐁𝐡𝐚𝐫𝐩𝐚𝐲𝐞𝐞 𝐘𝐨𝐣𝐚𝐧𝐚 𝐡𝐚𝐬 𝐚𝐥𝐬𝐨 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐬𝐭𝐚𝐫𝐭𝐞𝐝 𝐟𝐨𝐫 𝐁𝐚𝐣𝐫𝐚 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐊𝐡𝐚𝐫𝐢𝐟 𝐌𝐚𝐫𝐤𝐞𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐒𝐞𝐚𝐬𝐨𝐧 𝟐𝟎𝟐𝟏. 𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐢𝐬 𝐬𝐜𝐡𝐞𝐦𝐞, 𝐚𝐧 𝐚𝐦𝐨𝐮𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐑𝐬. 𝟒𝟑𝟔 𝐜𝐫𝐨𝐫𝐞 𝐡𝐚𝐬 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐠𝐢𝐯𝐞𝐧 𝐭𝐨 𝟐.𝟒𝟎 𝐥𝐚𝐤𝐡 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐫𝐨𝐜𝐮𝐫𝐞𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐦𝐢𝐥𝐥𝐞𝐭 𝐚𝐭 𝐭𝐡𝐞 𝐫𝐚𝐭𝐞 𝐨𝐟 𝐑𝐬. 𝟔𝟎𝟎 𝐩𝐞𝐫 𝐪𝐮𝐢𝐧𝐭𝐚𝐥 𝐛𝐞𝐭𝐰𝐞𝐞𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐦𝐢𝐧𝐢𝐦𝐮𝐦 𝐬𝐮𝐩𝐩𝐨𝐫𝐭 𝐩𝐫𝐢𝐜𝐞 𝐚𝐧𝐝 𝐭𝐡𝐞 𝐚𝐯𝐞𝐫𝐚𝐠𝐞 𝐦𝐚𝐫𝐤𝐞𝐭 𝐩𝐫𝐢𝐜𝐞.
𝐇𝐞 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐌𝐮𝐤𝐡𝐲𝐚𝐦𝐚𝐧𝐭𝐫𝐢 𝐁𝐚𝐠𝐰𝐚𝐧𝐢 𝐁𝐢𝐦𝐚 𝐘𝐨𝐣𝐚𝐧𝐚 𝐡𝐚𝐬 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐬𝐭𝐚𝐫𝐭𝐞𝐝 𝐭𝐨 𝐩𝐫𝐨𝐦𝐨𝐭𝐞 𝐜𝐫𝐨𝐩 𝐝𝐢𝐯𝐞𝐫𝐬𝐢𝐟𝐢𝐜𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐚𝐧𝐝 𝐡𝐨𝐫𝐭𝐢𝐜𝐮𝐥𝐭𝐮𝐫𝐞 𝐭𝐨 𝐢𝐧𝐜𝐫𝐞𝐚𝐬𝐞 𝐭𝐡𝐞 𝐢𝐧𝐜𝐨𝐦𝐞 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬. 𝐓𝐨 𝐩𝐫𝐨𝐦𝐨𝐭𝐞 𝐡𝐨𝐫𝐭𝐢𝐜𝐮𝐥𝐭𝐮𝐫𝐞, 𝐭𝐡𝐫𝐞𝐞 𝐧𝐞𝐰 𝐂𝐞𝐧𝐭𝐫𝐞𝐬 𝐨𝐟 𝐄𝐱𝐜𝐞𝐥𝐥𝐞𝐧𝐜𝐞 𝐚𝐫𝐞 𝐛𝐞𝐢𝐧𝐠 𝐬𝐞𝐭 𝐮𝐩 𝐚𝐭 𝐁𝐡𝐢𝐰𝐚𝐧𝐢, 𝐍𝐮𝐡 𝐚𝐧𝐝 𝐉𝐡𝐚𝐣𝐣𝐚𝐫. 𝐅𝐨𝐫 𝐦𝐮𝐬𝐡𝐫𝐨𝐨𝐦 𝐜𝐮𝐥𝐭𝐢𝐯𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧, 𝟒𝟎 𝐩𝐞𝐫𝐜𝐞𝐧𝐭 𝐬𝐮𝐛𝐬𝐢𝐝𝐲 𝐢𝐬 𝐠𝐢𝐯𝐞𝐧 𝐭𝐨 𝐠𝐞𝐧𝐞𝐫𝐚𝐥 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝟗𝟎 𝐩𝐞𝐫𝐜𝐞𝐧𝐭 𝐭𝐨 𝐬𝐜𝐡𝐞𝐝𝐮𝐥𝐞𝐝 𝐜𝐚𝐬𝐭𝐞 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬. 𝐀𝐠𝐫𝐨-𝐟𝐨𝐫𝐞𝐬𝐭𝐫𝐲 𝐡𝐚𝐬 𝐚𝐥𝐬𝐨 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐢𝐧𝐜𝐥𝐮𝐝𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐌𝐞𝐫𝐚 𝐏𝐚𝐧𝐢-𝐌𝐞𝐫𝐢 𝐕𝐢𝐫𝐚𝐬𝐚𝐭 𝐬𝐜𝐡𝐞𝐦𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐜𝐫𝐨𝐩 𝐝𝐢𝐯𝐞𝐫𝐬𝐢𝐟𝐢𝐜𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐚𝐧𝐝 𝐰𝐚𝐭𝐞𝐫 𝐜𝐨𝐧𝐬𝐞𝐫𝐯𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐲𝐞𝐚𝐫 𝟐𝟎𝟐𝟏-𝟐𝟐. 𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐌𝐞𝐫𝐚 𝐏𝐚𝐧𝐢-𝐌𝐞𝐫𝐢 𝐕𝐢𝐫𝐚𝐬𝐚𝐭 𝐬𝐜𝐡𝐞𝐦𝐞, 𝐚𝐥𝐭𝐞𝐫𝐧𝐚𝐭𝐢𝐯𝐞 𝐜𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐚𝐫𝐞 𝐛𝐞𝐢𝐧𝐠 𝐩𝐫𝐨𝐦𝐨𝐭𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐩𝐥𝐚𝐜𝐞 𝐨𝐟 𝐩𝐚𝐝𝐝𝐲.
𝐓𝐡𝐞 𝐒𝐩𝐨𝐫𝐭𝐬 𝐌𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐟𝐚𝐫𝐦𝐞𝐫𝐬 𝐚𝐝𝐨𝐩𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐝𝐢𝐫𝐞𝐜𝐭 𝐬𝐞𝐞𝐝𝐞𝐝 𝐫𝐢𝐜𝐞 𝐭𝐞𝐜𝐡𝐧𝐨𝐥𝐨𝐠𝐲 𝐰𝐞𝐫𝐞 𝐠𝐢𝐯𝐞𝐧 𝐚𝐧 𝐢𝐧𝐜𝐞𝐧𝐭𝐢𝐯𝐞 𝐨𝐟 𝐑𝐬. 𝟓,𝟎𝟎𝟎 𝐩𝐞𝐫 𝐚𝐜𝐫𝐞. 𝐓𝐡𝐞 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐠𝐨𝐯𝐞𝐫𝐧𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐢𝐬 𝐚𝐥𝐬𝐨 𝐩𝐫𝐨𝐦𝐨𝐭𝐢𝐧𝐠 𝐚𝐧𝐢𝐦𝐚𝐥 𝐡𝐮𝐬𝐛𝐚𝐧𝐝𝐫𝐲, 𝐛𝐞𝐞 𝐤𝐞𝐞𝐩𝐢𝐧𝐠 𝐚𝐧𝐝 𝐟𝐢𝐬𝐡𝐞𝐫𝐢𝐞𝐬. 𝐇𝐞 𝐬𝐚𝐢𝐝 𝐭𝐡𝐚𝐭 𝐚𝐧𝐢𝐦𝐚𝐥 𝐡𝐮𝐬𝐛𝐚𝐧𝐝𝐫𝐲 𝐢𝐬 𝐚 𝐦𝐚𝐣𝐨𝐫 𝐬𝐨𝐮𝐫𝐜𝐞 𝐨𝐟 𝐢𝐧𝐜𝐨𝐦𝐞 𝐨𝐟 𝐭𝐡𝐞 𝐯𝐢𝐥𝐥𝐚𝐠𝐞𝐫𝐬. 𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐌𝐮𝐤𝐡𝐲𝐚 𝐌𝐚𝐧𝐭𝐫𝐢 𝐃𝐮𝐠𝐝𝐡 𝐔𝐭𝐩𝐚𝐝𝐡𝐚𝐤 𝐏𝐫𝐨𝐭𝐬𝐚𝐡𝐚𝐧 𝐘𝐨𝐣𝐧𝐚, 𝐚 𝐬𝐮𝐛𝐬𝐢𝐝𝐲 𝐨𝐟 𝐑𝐬. 𝟑𝟕.𝟗 𝐜𝐫𝐨𝐫𝐞 𝐡𝐚𝐬 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐠𝐢𝐯𝐞𝐧 𝐭𝐨 𝐦𝐢𝐥𝐤 𝐩𝐥𝐚𝐧𝐭𝐬 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐛𝐚𝐧𝐤 𝐚𝐜𝐜𝐨𝐮𝐧𝐭𝐬 𝐨𝐟 𝐜𝐨𝐨𝐩𝐞𝐫𝐚𝐭𝐢𝐯𝐞 𝐦𝐢𝐥𝐤 𝐩𝐫𝐨𝐝𝐮𝐜𝐞𝐫𝐬. 𝐔𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐭𝐡𝐞 𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐁𝐞𝐞𝐤𝐞𝐞𝐩𝐢𝐧𝐠 𝐏𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲-𝟐𝟎𝟐𝟏, 𝐭𝐡𝐞 𝐭𝐚𝐫𝐠𝐞𝐭 𝐢𝐬 𝐭𝐨 𝐢𝐧𝐜𝐫𝐞𝐚𝐬𝐞 𝐭𝐡𝐞 𝐩𝐫𝐨𝐝𝐮𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐨𝐟 𝐡𝐨𝐧𝐞𝐲 𝐛𝐲 𝟏𝟎 𝐭𝐢𝐦𝐞𝐬 𝐛𝐲 𝐭𝐡𝐞 𝐲𝐞𝐚𝐫 𝟐𝟎𝟑𝟎. 𝐇𝐚𝐫𝐲𝐚𝐧𝐚 𝐢𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐟𝐢𝐫𝐬𝐭 𝐬𝐭𝐚𝐭𝐞 𝐢𝐧 𝐭𝐡𝐞 𝐜𝐨𝐮𝐧𝐭𝐫𝐲 𝐭𝐨 𝐟𝐨𝐫𝐦𝐮𝐥𝐚𝐭𝐞 𝐚 𝐩𝐨𝐥𝐢𝐜𝐲 𝐨𝐟 𝐝𝐞𝐯𝐞𝐥𝐨𝐩𝐦𝐞𝐧𝐭 𝐨𝐟 𝐛𝐞𝐞𝐤𝐞𝐞𝐩𝐢𝐧𝐠, 𝐮𝐧𝐝𝐞𝐫 𝐰𝐡𝐢𝐜𝐡 𝐇𝐨𝐧𝐞𝐲 𝐓𝐫𝐚𝐝𝐞 𝐂𝐞𝐧𝐭𝐫𝐞 𝐡𝐚𝐬 𝐛𝐞𝐞𝐧 𝐞𝐬𝐭𝐚𝐛𝐥𝐢𝐬𝐡𝐞𝐝 𝐢𝐧 𝐑𝐚𝐦𝐧𝐚𝐠𝐚𝐫, 𝐊𝐮𝐫𝐮𝐤𝐬𝐡𝐞𝐭𝐫𝐚.
कहा कि डायरेक्ट सीडेड राइस तकनीक अपनाने वाले किसानों को 𝟓 हजार रुपये प्रति एकड़ का प्रोत्साहन दिया गया। राज्य सरकार पशुपालन, मधुमक्खी पालन और मत्स्य पालन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीणों की आय का एक प्रमुख साधन है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन योजना के तहत सहकारी दुग्ध उत्पादकों के बैंक खातों में दुग्ध संयंत्रों को 𝟑𝟕 करोड़ 𝟗 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है। हरियाणा मधुमक्खी पालन नीति-𝟐𝟎𝟐𝟏 के तहत वर्ष 𝟐𝟎𝟑𝟎 तक शहद के उत्पादन को 𝟏𝟎 गुणा तक बढ़ाने का लक्ष्य है।, मधुमक्खी पालन विकास की नीति बनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसके तहत कुरूक्षेत्र के रामनगर में हनी ट्रेड सेंटर की स्थापना की गई है।